“मानवजाति का कल्याण, इसकी शांति और सुरक्षा तब तक प्राप्त नहीं की जा सकती जब तक इसकी एकता दृढ़तापूर्वक स्थापित नहीं हो जाती।”-बहाउल्लाह

विश्वव्यापी शांति

बहाउल्लाह की शिक्षायें अपने उद्देश्य में व्यापक हैं, ख़ासकर तब जब प्रकटीकरण की प्रकृति और उद्देश्य, मानवजाति की जन्मजात श्रेष्ठता, आध्यात्मिक गुणों का परिष्कार और मानवजाति का प्राकृतिक संसार के साथ पारस्परिक सम्बन्ध जैसे विषयों की छान-बीन की जाती है। बहाई पावन लेख भी विश्वव्यापी शांति के उल्लेख से भरे पड़े हैं - “समस्त मानवजाति का परम महान लक्ष्य” - साथ ही, सामाजिक सिद्धांतों की व्याख्या, जिनसे यह शांति सम्बद्ध है।

इन सिद्धांतों में सत्य की स्वतंत्र खोज; सम्पूर्ण मानव नस्ल की एकता, जो बहाई धर्म का मूलभूत सिद्धांत हैं; हर प्रकार के पूर्वाग्रह का उन्मूलन; समरसता जो विज्ञान और धर्म के बीच अवश्य हो; स्त्री-पुरूष की समानता, दो पंख जिनके सहारे मानवजाति का पंछी उड़ान भरने में समर्थ होता है; अनिवार्य शिक्षा का प्रस्तुतिकरण; एक विश्वव्यापी सहायक भाषा को अपनाना; अमीरी और गरीबी की अति का उन्मूलन; राष्ट्रों के बीच झगड़ों के न्यायिक निर्णय के लिये एक विश्व न्यायाधिकरण की स्थापना और मानवीय व्यवहार में न्याय के सिद्धांत की पुष्टि। बहाई इन सिद्धांतों को महज अस्पष्ट आकांक्षा के रूप में नहीं देखते - इन्हें व्यक्तियों , समुदायों और संस्थाओं के लिये, समान रूप से, तात्कालिक व व्यावहारिक महत्व के विषयों के रूप में समझा जाता है।


अक्टूबर, 1985 में विश्व न्याय मंदिर में समस्त मानवजाति को सम्बोधित विश्व शांति विषय पर एक पत्र के प्रकाशन की घोषणा की, जिसका शीर्षक था “विश्व शांति का पथ”। बहाई समुदाय का यह विश्वास है कि समाज के विकास का अगला चरण अंतर्राष्ट्रीय शांति होगा, उन कारणों की व्याख्या करते हुये उसने कहा:

वह ‘महान शांति’ जिसकी ओर सद्भावनासम्पन्न लोगों ने शताब्दियों से अपने हृदय की आकांक्षा को केन्द्रित किया था, जिसकी परिकल्पना अनगिनत पीढ़ियों के द्रष्टाओं और कवियों ने की थी और जिसका वचन लगातार युग-युग में मानवजाति के पवित्र धर्मग्रंथों ने दिया था, अब, अन्ततः, राष्ट्रों की पहुँच के भीतर दिखाई देती है। इतिहास में पहली बार प्रत्येक व्यक्ति के लिये यह सम्भव हो सका है कि सम्पूर्ण पृथ्वी को, उसके अनेकानेक विविध लोगों के साथ, एक परिप्रेक्ष में देखे। विश्व शांति न केवल सम्भव है, अपितु अपरिहार्य है।


इस विषय की छान-बीन

वेबसाइट का यह भाग ’विश्व शांति का पथ‘ नामक वक्तव्य का पूरा पाठ प्रस्तुत करता है, जो अनेक भागों में विभाजित है। इसमें बहाई लेखों से कुछ प्रासंगिक उद्धरणों का संकलन भी शामिल है, जैसे स्त्री और पुरूष की समानता, सार्वभौमिक शिक्षा और धनाढ्यता तथा निर्धनता की अति का उन्मूलन, साथ में, अनेक सम्बद्ध वक्तव्य, लेख और अन्य सामग्री।

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