बहाई क्या करते हैं
युवा
युवा सम्मेलनों की सामग्री
सभ्यता की प्रगति में योगदान देना
2013 में दुनिया भर में आयोजित युवा सम्मेलनों की श्रृंखला तथा उसके बाद हुई अनेक समीक्षात्मक बैठकों में जिन विषयों की छान-बीन की गई, उनमें से एक विशेष रूप से सभ्यता के विकास से सम्बंधित था।
निम्नलिखित पैराग्राफ इस विषय पर सम्मेलनों के प्रतिभागियों द्वारा अध्ययन की गई सामग्रियों से उद्धृत किये गये हैं।
बहाई और उनके मित्रों के द्वारा सामुदायिक निर्माण के प्रयास मात्र निःस्वार्थ व्यक्तियों के अच्छे सामाजिक प्रोजेक्ट नहीं हैं। ये इस विश्वास पर आधारित हैं कि मानवता अपने इतिहास के एक अत्यंत विशेष काल में जी रही है। अपने विकास में मानवजाति शैशवावस्था और किशोरावस्था जैसी अवस्थाओं को पार कर अब वयस्कता के प्रारंभ में खड़ी है। दो अभिन्न प्रक्रियाएं, एक विघटन की और दूसरी एकीकरण की, इसे आगे बढ़ा रही हैं। विघटन की प्रक्रिया वर्तमान में, हिंसा, युद्ध और भ्रष्टाचार के रूप में देखी जा सकती है, जो एक ऐसी मौजूदा व्यवस्था के पतन के साथ जुड़े हैं जो अब परिपक्व होती जा रही दुनिया की ज़रूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। यह प्रक्रिया बड़ी उलझन और कष्ट का कारण बनती है, लेकिन साथ ही लोगों के बीच एकता में आड़े आने वाली बाधाओं को हटाने में भी योगदान करती है। एकीकरण की प्रक्रिया का सम्बन्ध उन आध्यात्मिक शक्तियों से है जो बहाउल्लाह के आगमन से प्रकट हुई हैं। एक ओर, ये शक्तियाँ पूरी दुनिया में बढ़ती संख्या में लोगों को एकता और प्रगति के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित कर रही हैं; वहीं दूसरी ओर, ये बहाई और उनके मित्रों के जागरूक प्रयासों के माध्यम से समाज को धीरे-धीरे नया स्वरूप दे रही हैं।
…एक नई सभ्यता के निर्माण का लक्ष्य समाज के संगठन के साथ-साथ व्यक्तिगत आचरण और व्यवहार में भी पूर्ण परिवर्तन की माँग करता है। इस सम्बन्ध में, बहाउल्लाह की शिक्षाओं का उद्देश्य है “मानवजाति के सम्पूर्ण चरित्र में रूपांतरण लाना, एक ऐसा रूपांतरण जो भीतर और बाहर दोनों रूपों में प्रकट हो, जो उसके आन्तरिक जीवन और बाहरी परिस्थितियों दोनों को प्रभावित करे।”
इस प्रकार, सभ्यता के निर्माण के लिए यह स्वीकार करना अनिवार्य है कि दुनिया के सभी लोग, वास्तव में प्रत्येक समुदाय के लोग, एक हैं। इस महत्वपूर्ण सत्य की स्वीकृति का समुदाय और व्यापक समाज के जीवन पर कई प्रभाव पड़ते हैं। आज के इस युग में, पूरी दुनिया के लोगों को एकमात्र सच्चे ईश्वर की कृपा और दया समान रूप से प्राप्त हुई है और वे अपनी विविधता में, एक नए विश्व के निर्माण में योगदान देने के अधिकार और कर्तव्य को साझा करते हैं। जब किसी समुदाय के सदस्यों के आपसी संबंधों और उनके और संस्थाओं के बीच संबंधों को प्रेम और न्याय से परिभाषित किया जाता है, तो सभी को अपने ईश्वरदत्त गुणों का उपयोग कर सामाजिक भलाई में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। जब आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान सभी के लिए सुलभ हो, तब समुदाय के सदस्य मिलकर सामूहिक जीवन में इसे लागू करना सीख सकते हैं। यह पिछली बात में वर्णित उन्हीं बहाई सामुदायिक निर्माण प्रयासों से सम्बंधित है, जो आजकल विश्व भर के अनेक क्लस्टर, मोहल्लों और गाँवों में प्रबल हो रहे हैं। वे जिस सांस्कृतिक परिवर्तन को उत्पन्न कर रहे हैं वह इस बात का प्रमाण है कि कैसे बढ़ती हुई संख्या के लोग जब ईश्वर की शिक्षाओं को आज के युग में अपने समुदायों के जीवन में लागू करते हैं तो एक नया समाज आकार लेता है।
एक व्यक्ति के जीवन के लिए, जो सभ्यता की प्रगति में योगदान देने की उत्कट इच्छा रखता है, इसके भी महत्वपूर्ण मायने हैं। ऐसा व्यक्ति प्रगति के प्रभावी सहायक बनने के लिए आवश्यक गुण, अभिवृत्तियाँ और क्षमताएँ अर्जित करने का प्रयास करता है और अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं—शिक्षा, कार्य, विवाह, पारिवारिक जीवन—को गहरे मिशन की भावना से परिपूर्ण करता है। ऐसा व्यक्ति अपने धर्म के उच्च आदर्शों के अनुरूप चलने के लिए हर संभव प्रयास करता है। हर प्रकार के पूर्वाग्रहों से बचना सीखना, उच्च स्तर की पवित्रता का पालन करना और दूसरों के साथ सभी संबंधों में निष्कलंकता दिखाना, व्यक्ति को समाज में परिवर्तन लाने के प्रयास में प्रभावी भागीदार बनाता है। "व्यक्तिगत विकास और बहाई आदर्शों को बनाए रखने के प्रयासों" में, वह एक उद्देश्यपूर्ण समुदाय का हिस्सा बन जाता है—एक ऐसा वातावरण जिसमें सच्ची एकता सभी उम्र के मित्रों को आध्यात्मिक, नैतिक और बौद्धिक उत्कृष्टता की उच्च-से-उच्चतर स्तर तक पहुँचने में सहयोग के लिए प्रेरित करती है।
इस दृष्टिकोण से, वह व्यक्ति जो बहाउल्लाह के संदेश में निहित, संसार के नव-निर्माण की सम्भावना को जानता है, निस्संदेह इसकी प्रेरणा को पूरी दुनिया के लोगों तक पहुँचाने तथा उन्हें नए युग के जागरूक निर्माताओं के रूप में अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए प्रेरित करने में महान आनंद अनुभव करेगा।
चिंतन संबंधी प्रश्न
विविध सामाजिक परिस्थितियों में युवा किस प्रकार यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे उपलब्ध सबसे प्रभावशाली शिक्षा प्राप्त करें? किस प्रकार किसी का कार्य या पेशा सभ्यता के निर्माण में योगदान देने का साधन बन सकता है? और क्या बातें इसे बाधा बना सकती हैं?
युवा किस प्रकार विवाह और ऐसे परिवारों के लिए स्वयं को उचित रूप से तैयार कर सकते हैं जो नए समाज के निर्माण में सार्थक योगदान दें?
ऐसा स्थानीय समुदाय जिसकी सहायता से उसके सदस्य सभ्यता-निर्माता के गुणों और क्षमताओं का विकास कर सकें, उसकी प्रकृति कैसी होगी?
जिन पर नए विश्व के निर्माण का अधिकांश कार्य निर्भर करता है, वे युवा किस प्रकार अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति प्राप्त करने के लिए प्रभावी रूप से एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं?









