बहाई क्या करते हैं
समाज के जीवन में सहभागिता
सिंहावलोकन/अवलोकन
- बहाई क्या मानते हैं
- सिंहावलोकन/अवलोकन
- बहाउल्लाह और ‘उनकी’ संविदा
- आत्मा का जीवन
- ईश्वर और ‘उसकी’ रचना
- आवश्यक सम ्बन्ध
- विश्वव्यापी शांति
- बहाई क्या करते हैं
बहाउल्लाह ने अपने अनुयायियों को सलाह दी है, “तुम जिस काल में रहते हो उसकी आवश्यकताओं के प्रति उत्सुकतापूर्वक विचार करो और अपने विचार-विमर्श को इसकी अपेक्षाओं तथा आवश्यकताओं के प्रति केन्द्रित करो।”
इसी प्रकार पूरी दुनिया में बहाई, व्यक्तिगत तथा सामूहिक रूप से, समाज के जीवन में सम्मिलित होने की कोशिश करते हैं और विभिन्न समूहों के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर भौतिक तथा आध्यात्मिक सभ्यता के विकास में अपना योगदान देते हैं।



यहाँ उद्यमों के दो परस्पर पूरक क्षेत्रों की छान-बीन की गई है। सामाजिक कार्य उन गतिविधियों को प्रतिबिम्बित करते हैं, जो अक्सर तृणमूल स्तर पर की जाती हैं, जिनका उद्देश्य वृहद् समुदाय का भौतिक और सामाजिक कल्याण होता है। इससे करीब से जुड़े होते हैं बहाईयों के वे प्रयास जो वैचारिक स्तर पर समाज के सम्वादों में भागीदारी के माध्यम से होते हैं। बहाई समुदाय के व्यक्तिगत सदस्यों के द्वारा विभिन्न सामाजिक अवसरों पर बहाई शिक्षाओं से प्रेरित विचार बाँटें जाते हैं । राष्ट्रीय आध्यात्मिक सभायें सामाजिक प्रगति के विभिन्न पहलुओं पर केन्द्रित चर्चाओं में बहाई प्रयासों के योगदान का समायोजन करती हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहाई अंतर्राष्ट्रीय समुदाय स्त्री-पुरूष की समानता और स्थायी विकास जैसे विषयों पर आयोजित सभाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करता है।
बहाई अपने संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर बढ़ती हुई संख्या में आंदोलनों, संगठनों, समूहों और व्यक्तियों से इन विचारों के साथ, भागीदारी स्थापित करके सहयोग करते हैं, जो समाज को रूपांतरित करने के प्रयास तथा एकता के कारण, मानव कल्याण की तरक़्क़ी और विश्व एकता को बढ़ावा देते हैं ।

