बहाई क्या मानते हैं
आत्मा का जीवन
सिंहावलोकन/अवलोकन
- बहाई क्या मानते हैं
- बहाई क्या करते हैं
बहाउल्लाह का प्रकटीकरण इस बात की पुष्टि करता है कि हमारे जीवन का उद्देश्य ईश्वर को जानना और ‘उसका’ सान्निध्य प्राप्त करना है। हमारी सच्ची पहचान हमारी विवेकी आत्मा है, जिसकी स्वतंत्र इच्छा और विवेक-शक्ति हमें अपने आप को तथा अपने समाज को निरन्तर बेहतर बनाने के योग्य बनाती है। ईश्वर और मानवजाति की सेवा के पथ पर चलना जीवन को अर्थ प्रदान करता है और हमें उस समय के लिये तैयार करता है जब आत्मा शरीर से अलग होती है और अपने सृष्टिकर्ता की ओर प्रयाण कर एक अनन्त यात्रा पर चल देती है।
इस खंड में चार विषयों का परीक्षण किया गया है। प्रत्येक शीर्षक के तहत, पृष्ठों का संग्रह, लेख, बहाई लेखों से चयन, और अन्य संसाधन हैं, जो प्रत्येक विषय की गहराई से छान-बीन करते हैं।
“दिव्य ज्ञान के विशुद्ध जल की एक ओस बूंद भी तुम अगर पा लेते तो तुमने तत्परता से अनुभव किया होता कि सच्चा जीवन हाड़-मांस का जीवन नहीं होता, बल्कि आत्मा का जीवन होता है...।”

प्रत्येक मनुष्य एक अमर, विवेकी आत्मा धारण करता है जो थोड़े समय के लिये इस संसार से होकर गुजरती है और अनन्त समय के लिये ईश्वर की ओर बढ़ने की अपनी यात्रा जारी रखती है। हमारे जीवन का उद्देश्य अपने सह-मानवों की सेवा करते हुये आध्यात्मिक रूप से प्रगति करना है। ऐसा कर हम दिव्य गुणों को प्राप्त करते हैं, जिनकी आवश्यकता हमें आने वाले जीवन में पड़ेगी।

